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रविवार, 9 अगस्त 2026

तोहरा बिनाs


गीत-गजल कइसे लिखब ? अब हम तोहरा बिना।

आपन मन के हालात कइसे व्यक्त करब? अब तोहरा बिना।

छोड़ के जात समय तु त तनको ना सोचलू...

गुनगुनाइब अब कईसे, अब तोहरा बिना।


बचपन के ऊ किस्सा, आ ऊ मस्ती के दिन,

 सब याद आवत रहीs, अब तोहरा बिना।

काश!!! तु बस एक बेर देखे खातिर पीछे मुड़ गइल रहतीं...

ओही याद पर हम हम जी लेती, तोहरा बिना।


तू कहत रहलू कि तू हमेशा हमरा साथे में रहबु।

बतावऽ, अब हम कईसे रही तोहरा बिना। 

चाँद भी अब हमरा से पूछेला...

"तू अकेले छत पर का कर रहल बाड़s, अब ओकरा बिना?


नदीयां उजाड़ हो गईल, बगइचा बिरान हो गईल,

फूलवो में भी अब सुगंध नइखे  अब तोहरा बिना।!

यदि हम चहती त तहरा के रोक लेती,

लेकिन उ देह के हम करती भी का, तोहरा आत्मा  के बिना ?


गीत-गजल कइसे लिखब ? अब हम तोहरा बिना।

आपन मन के हालात कइसे व्यक्त करब? अब तोहरा बिना।

छोड़ के जात समय तु त तनको ना सोचलू...

गुनगुनाइब अब कईसे, अब तोहरा बिना।


विश्वजीत कुमार✍️

इस कविता का हिंदी अनुवाद

बुधवार, 22 अक्टूबर 2025

छठ पूजा के कहानी : सुरुज भगवान के भक्तिपूर्वक पूजा-पाठ.


         छठ पूजा भारत के एगो पुण्य एवं धार्मिक पर्व ह। एह उत्सव के दौरान बहुत संख्या में भक्त लोग सूर्य देवता आ उनकर जीवनसाथी (मेहरारू) उषा, जेकरा के भोर आ सांझ (Morning & Evening) के देवी के रूप में पूजा कईल जाला। सब लोग ई पूजा में आपन परिवार के सब बेंकत (Member) के भलाई खातिर आशीर्वाद माँगेला आ जीवन चलावें वाला ऊर्जा के खातिर आभार व्यक्त करेला। एह मौका पर सब परिवार एकजुट होके छठी मइया के पूजा संस्कार में लाग जाला, आ एके संगे समय बितावेला। अनुशासन के प्रयोग, आपन मन के साफ-सफ़ाई, आ भगवान खातिर आपन समय देबे के ई सही समय होला। आईं छठ पूजा, एकर कहानी, संस्कार, औरी महत्व आदि के बारे में विस्तार से जानल जावं।


छठ पूजा के कहानी

बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड, अवरी नेपाल के कुछ हिस्सा में छठ पूजा खूब धुम-धाम से मनावल जाला। लेकिन आज ऐह सब राज्य के अलावे भी भारत ही ना विदेशन में भी आज ई त्यौहार मनावल जाता। एकरा से कई गो लोकप्रिय कहानी भी जुड़ल बाड़ी सनऽ। सबसे पहिले हम बात करऽ तानी छठ पूजा के महाभारत से जुड़ाव के बारे में...


महाभारत से जुड़ाव 

    छठ पूजा के उत्पत्ति से जुड़ल एगो लोकप्रिय लोककथा महाभारत में मिले ला। एह कहानी के मुताबिक वनवास के समय में द्रौपदी औरी पांडव के बेहद गरीबी औरी कष्ट के सामना करे के पड़ल। धौम्या ऋषि (पांडव के राज पुरोहित आ धार्मिक मार्गदर्शक) सलाह देहनी कि सूर्य देवता के पूजा कइला से तारा लोग के सब समस्या से मुक्ति मिल जाई आ आपन खोवल राज्य भी वापस आ जाई। ओकरा बाद द्रौपदी ईमानदारी से छठ पूजा कइली औरी सूर्य भगवान के सुबेरे औरी साझी के अर्ध्य दिहली। एकरा से पांडव के समस्या के समाधान हो गईल। एहमें भगवान सूरज के ऊर्जा के प्रति कृतज्ञता आ सम्मान के महत्व के भी रेखांकित कइल गइल बा।


भगवान राम औरी सीता के लोक कथा

एह लोककथा के अनुसार, भगवान राम, सीता, आ लक्ष्मण 14 साल वनवास में बितवले। राक्षस राजा रावण के हरा के उ लोग अयोध्या वापस आ गईले। काहे से की रावण एगो ब्राह्मण रहे ओहि से ब्राह्मण के वध से मुक्ति पावें खातीर राम जी के एगो राजयज्ञ करे के सलाह मिलल। तब, राम जी ब्रह्महत्या मुक्ति यज्ञ के आयोजन कईनी। ओही बेड़ा देवी सीता भी व्रत रखली आ छठी मईया आ सूर्य के पूजा कइली। दुनु जाना मिल के डूबत आ उगत सूरज के अर्घ्य चढ़ावलोऽ

इहो याद राखल जाओ, कि वनवास के समय सूर्य भगवान राम आ सीता के बुद्धि आ बल के इनाम देले रहले, जवना से उ लोग सब कठिनाई के सहन करे में सक्षम हो गईल लोऽ। त, आपन देवता के प्रति आपन आभार व्यक्त करे खातिर दुनु जाना मिल के ओ बेड़ा जवन फल, औरी पारंपरिक मिठाई मिलल, ओकरे से ही पूजा कईल लो। इहे रिवाज आज ले चलत बा।


कर्ण के कहानी : जे सूर्य भगवान के भक्त रहलेऽ

एगो औरी लोककथा के अनुसार, भगवान सूर्य आ कुंती के पुत्र कर्ण महाभारत में एगो वीर योद्धा रहले। उ सूर्य देव के प्रति बहुत भक्ति खातिर प्रसिद्ध रहले। देवता से रक्षा औरी अजेयता के आशीर्वाद लेवे खातिर उ अपार तपस्या कईले। कर्ण, व्रत रख के एगो नदी के किनारे छठ पूजा कईले। उनकर भक्ति से प्रसन्न होके सूर्य देवता कर्ण के विशेष शक्ति दिहले। हालांकि उनकर जिनगी बहुते बुरा तरह से खतम हो गइल बाकिर सूर्य देवता के प्रति उनकर भक्ति के सराहना आजो कइल जाला। महाभारत में इहो लिखल बा की भगवान सूर्य औरी माता कुंती के लईका कर्ण रहले।  


छठी मईया : छठ पूजा के देवी

छठ पूजा के समय भक्त लोग छठी मईया जिनका के प्रजनन आ मातृशक्ति के देवी के रूप में भी पूजा कईल जाला। बिहार अवुरी पूर्वी उत्तर प्रदेश के स्थानीय लोककथा के मुताबिक छठी मईया के पूजा कईला से उनका लोग के स्वस्थ गर्भधारण में माई के आशीर्वाद मिलेला। एकरा से परिवार में समृद्धि भी आवेला औरी सब के निमन स्वास्थ्य सुनिश्चित भी होखेला।


छठ पूजा संस्कार 

छठी मईया के भक्त लोग बहुत श्रद्धा आ अनुशासन से छठ पूजा करेला। ई परब चार दिन ले चले ला। आई ओकरा बारे में विस्तार से जानल जावं :

छठ पूजा के पहिला दिन (नाहाय खाय) 

छठ पूजा के पहिला दिन भक्त लोग साफ पानी के स्रोत जइसे की कवनो नदी, पोखड़ा, नहर में नहा के अपना के शुद्ध करेला। पूजा के समय देवता के चढ़ावे खातिर पुण्य भोजन के सामान तैयार करेलालो औरी बिना लहसुन प्याज के लौकी के तरकारी औरी भात बना के खा के उपवास शुरू होला।

छठ पूजा के दूसरा दिन (खरना)

सूर्यास्त के बाद भक्त लोग आपन व्रत तोड़ेला। इ लोग सूर्य देव औरी छठी मईया के प्रतीकात्मक प्रसाद के रूप में पुण्य भोजन के सेवन करेला। पुण्य भोजन परिवार के सब सदस्य में भी बांटल जाला। एकरा के कृतज्ञता के प्रतीक मानल जाला। प्रसाद के रूप में रसिआव, रोटी औरी कुछ फल रहेला। 

छठ पूजा के तीसरा दिन (सांझ का अर्ध्य)

एह दिन श्रद्धालु लोग उपवास करत रहेला आ डूबत सूरज के विशेष प्रार्थना करेला। परिवार, दोस्त, रिश्तेदार, आ समुदाय के सब जाना कवनो पानी के स्रोत या नदी के किनारे एकट्ठा हो के बांस के टोकरी (सूप) में सूर्य भगवान के अर्ध्य चढ़ावेला। एक बेर शाम के पूजा खतम होखला के बाद सूरज के डूबे के इंतजार करे लालो औरी सभे जन के भलाई के खातीर छठी मईया से प्रार्थना करे लालो औरी एही दिने रात में सबका घरे कोशी भराला, फेर ओही कोशी के लेके भोर में घाट पर ले जा के फेन से उ प्रक्रिया के दुबारा कईल जाला।   

छठ पूजा के चौथा दिन/अंतिम दिन (उषा अर्घ्य)।

छठ पूजा के आखिरी दिन, एह दिन भक्त लोग सबेरे-सबेरे पानी में खड़ा होके उगत सूर्य के प्रार्थना करेला। भगवान सूर्य के अर्घ्य (जल, फल, आ फूल के विधिवत अर्पण) चढ़ावल जाला, मंत्र के जाप कईल जाला। सब परिवार आपन देवता के प्रति आभार व्यक्त करेला। अर्घ्य चढ़ते ही भक्त लोग आपन व्रत तोड़ेला, आ उत्सव शुरू हो जाला।


छठ पूजा के महत्व

छठ पूजा में पर्यावरण आ प्रकृति के सम्मान करे के विचार के बढ़ावा मिले ला। एह मौका पर सूरज देवता के पूजा कइला से व्यक्ति के कई तरीका से फायदा होला।


सूर्य भगवान के भक्ति

सूर्य देवता स्वास्थ्य आ जीवन शक्ति के प्रतीक हवे। एह मौका पर उनकर पूजा कइला से लोग के उनकर दिव्य आशीर्वाद सुस्वास्थ्य, धन आ समृद्ध जीवन के रूप में मिले ला।


आध्यात्मिक सफाई के काम होला

छठ पूजा के संस्कार/भुखला से आत्मा आ मन के शुद्धि हो सकेला। भक्त लोग नदी या झील में नहा के उपवास करेला आ पूरा भक्ति से देवता से प्रार्थना करेला। ई सब गतिविधि ओह लोग के अध्यात्म के नया ऊंचाई पर ले जाला।


ई पर्व सब लोग के एक साथ ले आवेला 

छठ पूजा परिवार आ समुदाय के एकजुट होखे, एक संगे देवता से प्रार्थना करे, आ परब मनावे के सबसे बढ़िया समय हां। एहसे ओह लोग के रिश्ता मजबूत हो जाला।


एगो पूरा करे वाला छठ पूजा के टिप्स

त्योहार के सही तरीका से मनावे खातिर एह सिफारिश के रउवा सभे पालन करीं : 


जल्दी सबकुछ तइयारी कर लीं

छठ पूजा के तइयारी कुछ दिन पहिले से शुरू कर दीं, आपन सुविधा के हिसाब से, पूजा के जरुरी सब सामान जइसे कि टोकरी, फल आदि खरीदीं पुण्य भोजन के सामान परम सावधानी से तैयार करीं। 


मानसिक रूप से तइयार रहे के चाहीं 

याद रखीं कि छठ पूजा में सूरज देवता औरी छठी मईया के प्रार्थना कइल जाला। पानी में खड़ा होखल, आ लमहर व्रत ई होला। एह संस्कारन खातिर अपना के तइयार करीं. एह से रउरा एह मौका के बहुते भक्ति से आ बिना कवनो दिक्कत के मनावे में मदद मिली। 


आपन घर औरी आसपास के सफाई करीं

याद रखी कि छठ पूजा में साफ-सफाई के बहुत महत्व बा। एही से आपन घर, आसपास, आ नदी के किनारे के साफ करीं। पूजा खातिर सही जगह चुनीं। अगर नदी ना जा पाईं त पास के इलाका में पूजा खातिर अस्थायी पानी के स्रोत बनाईं, साफ-सुथरा पोखरा भी पूजा खातिर उपयुक्त बा।


एगो अंतिम बात

छठ पूजा एगो मशहूर परब हऽ जवना में जीवन, प्रकृति, ऊर्जा, आ सूरज देवता के मनावल जाला। एह दिन लोग परिवार के साथे मिल के संस्कार में भाग लेला, पुण्य भोजन आ अभिवादन साझा करेला, प्रियजन से मिले जाला, आ लंबा समय तक चले वाला छाप छोड़ेला। रउआ सभे बहुत श्रद्धा से छठ पूजा 2025 मनाईं, समृद्ध आ पूर्ण जीवन खातिर सूर्य भगवान आ छठी मईया से आशीर्वाद मांगी। 

सब लोग के छठ पूजा के हार्दिक शुभकामना।🙏

बुधवार, 11 दिसंबर 2024

जब केहू दिल💕 में उतरs जाला।


मुरझाईल फूलवा🥀, लागे ला महके🌹,

चंचल चिरईया मन के लागे ले चहके🐥।

दीया, मन में पिरितिया के जर🪔 जाला,

जब केहू दिल💓 में उतरs जाला।


नीक नहीं लागे ला केहू के बतिया🗣️,

हर जगे लउके बस उहे सुरतिया👱🏻‍♀️।

दोसरा में बस जाला, आपन प्राणवाँ🥰।

जियरा ना माने ला अपने कहानवाँ,

केतना आस मन के घवद पर फर जाला,

जब केहू दिल💓 में उतरs जाला।


आसान नाही होला, ई नेहिया💕 के काम।

सुख-चैन सब कुछ, हो जाला नीलाम।

लागे ना भूख-प्यास, कौनो भी बेला।

लोग अपने ही घर में, हो जाला अकेला🥲।

नैन हँसते-हँसते, लोरवा😢 से भर जाला.

जब केहू दिल💓 में उतरs जाला।


साभार - सोशल मीडिया 

मंगलवार, 8 अक्टूबर 2024

मुश्किल बा डगरिया, लेकिन कट जाई।

 

तनी मुश्किल बा डगरिया,

लेकिन कट जाई। 

अभी बदरी बा दुख के तऽ का भईल,

आई समईया ईहो, छंट जाई।


चलत रहिहऽ तू रहिया, हार जन मनिहऽ,

जानें कब तोहार भगिया पलट जाई।


जब थाक जाए मनवां, याद करिहा तु घरवां, 

बाबू - माई के दुखवा, और उनकर कहनवां, 

सारा दुखवा थकनवा उचत जाई,


चलत रहिह तू रहिया हार जन मनिह, 

जानें कब तोहार भगिया पलट जाई।


कबो सोचिह तू गौवां ज्वार वाला बतिया,

गेहूं के कटनी में बितल ऊ खेत वाला रतिया, 

तोहर मुश्किल के घड़ी सब कट जाई।


चलत रहिह तू रहिया हार जन मनिह, 

जानें कब तोहार भगिया पलट जाई।


चाहें देशवा में रहिहऽ या विदेशवा में जईहा,

आपन माटी और बोली के कबो जन भुलइहऽ,

ईहे सिखवां से जीवन तोहार कट जाई।


चलत रहिह तू रहिया हार जन मनिह,

जानें कब तोहार भगिया पलट जाई।।


शिवा शशांक ओझा✍🏻

शुक्रवार, 2 अगस्त 2024

भोजपुरी ग़ज़ल


हर जात में कउवा बा, 

हर जात में कुत्ता बा।

हर जात में हो भइया, 

मिल जात सपूता बा।


साधु जे बा साधक बा, 

सम्मान मिलो उनुका।

सधुवे का भेसवा में,

इहां ढेरे कुकुरमूत्ता बा।


झुठऊ के हवे अगड़ा,

झुठऊ के हवे पिछड़ा।

ऊहे नूँ जुलूम ढावे,

जेकरा बलबूता बा।


बा काम कवन अइसन,

जे होइ सकेला ना।

संगवा में जहाँ जेकरा,

चनिया के जूतावा बा।


हम होखीं चाहे रउवा,

हाक़िम इजलासो के।

कुछ ना कुछ सभे पापी,

केहु ना ऐहिजा अछूता बा।


सीसा-लोहा टूटी,

साँचा में ढला जाई।

टूटी त कहां जूटी,

जे नेह के सूता (धागा) बा।


            महेश ठाकुर चकोर ✍🏻

मंगलवार, 23 जुलाई 2024

भोजपुरी सोहर गीत (Bhojpuri sohar Geet/song)



कवना मासे बाबा मोरऽ विवाह कईले, 
कवना मासे विदा कईले हो।
हे लालना, कवना मासे सुतली सेजारियां की, 
देहियां मोरा भाड़ी भईले हो -२

आरी!!! रहरी के दाल रहरी आवन लागे, भात देखी हुली बड़े हो।
आरे अपने बलमुआं के पवती तऽ खुबे लतीअवती, 
की चुरकी उखारी लेती हो।
तऽ लालना लातन-लातन खुबे लतीअवती
की भाड़सा निकाली लेती हो -२

कवना मासे बाबा मोरऽ विवाह कईले, 
कवना मासे विदा कईले हो।
हे लालना, कवना मासे सुतली सेजारियां की, 
देहियां मोरा भाड़ी भईले हो -२

हे लालना, मन करे खापड़ा चबइती,
खटाई खुबे खइती नु हो।
तऽ लालना लातन-लातन खुबे लतीअवती
की भाड़सा निकाली लेती हो -२
❁´◡`❁

कवन मासे हमरो बियाह भईले,
कवन मासे गवना भईले हो।
हे लालना!!! कवन मासे सईया सेज सुतनी,
त कबों पाँव भारी भईले हो -२

वैशाख मासे हमरो बियाह भईले,
ज्येष्ठ मासे गवना भईले हो।
हे लालना!!! आषाढ़ मासे सईया सेज सुतनी,
सावन में पाँव भारी भईले हो -२

सईया जी के कईल धईल करनी,
त हमरो कमरीयां टूटे हो।
ऐ सासु जी दाबी आके हमरो पजरिया,
त होरिल्ला जन्म लिहे हो -२

लिखले हऽ कुंदन सोहरिया के,
रितिक गावेले हो।
हे लालना!!! गोतनी, देयादिन सबे जुटल,
महल में होखे सोहर हो -२

कवन मासे हमरो बियाह भईले,
कवन मासे गवना भईले हो।
हे लालना!!! कवन मासे सईया सेज सुतनी,
त कबों पाँव भारी भईले हो।

हे लालना!!! कवन मासे सईया सेज सुतनी,
त कबों पाँव भारी भईले हो
❁´◡`❁

अईसन मनोहर मंगल मूरत सुहावन सुन्दर सूरत हो।
ऐ राजा जी ऐकरे तऽ रहल हऽ जरूरत ई मुहूर्रत ख़ूबसूरत हो -२

ऐ राजा जी.....

बबुआ हमार जी.एम. होईये, ओहसे उपरा डी.एम. होईये हो -२
ऐ लालना!!! हिन्द के सितारा सी.एम. होईये,
ओहसे उपरा पी. एम. होईये हो -२

ऐ लालना!!! एकरे तऽ रहला जरूरत मुहूर्रत ख़ूबसूरत हो -२

होईये वाईस चांसलर यूनिवर्सिटी के,
मेयर लंदन सिटी के नु हो -२
ऐ लालना!!! होम सेकेटरी गरमेंत्री के,
तऽ हीरा अपना मिट्टी के नु हो -२

ऐ राजा जी, एकरे तऽ रहला जरूरत मुहूर्रत ख़ूबसूरत हो -२

बबुआ हमार ब्रिलिएंट होईये बेस्ट स्टूडेंट होईये हो-२
ऐ लालना!!! बात-चीत से 100% (हंड्रेड परसेंट) होईये,
अमेरिका के प्रेसीडेंट होईये हो -२

ऐ राजा जी, एकरे तऽ रहला जरूरत मुहूर्रत ख़ूबसूरत हो -२

मुनि बाबा अईसन बबुआ ज्ञानी होईये,
राजाजी जईसन दानी होईये हो -२
ऐ लालना!!! अखिल भूमंडल राजधानी होईये,
तऽ अपना बाबू जी अइसन दानी होईये हो-२

 ऐ राजा जी, अखिल भूमंडल राजधानीन होईये,
बापे अस खानदानी होईये हो।

ऐ राजा जी, ऐकरे तऽ रहला जरूरत मुहूर्रत ख़ूबसूरत हो।

बबुआ हमार महाराज होईये, राजाधिराज होईये हो -२
ऐ लालना!!! धातु में हीरा पोखराज होईये,
सिरवां के ताज होईये हो -२

ऐ लालना.....
❁´◡`❁

सोमवार, 15 जुलाई 2024

आपन भोजपुरी...





    भोजपुरी के आगे बढ़ावे में भिखारी ठाकुर जी के अमूल्य योगदान रहे निश्चित रूप से हम कह सक तानी की ईहा के योगदान के कवनों आदमी कबों ना भुलाई। ईहा के मशहूर भोजपुरी कवि, नाटककार और लोक कलाकार रहनी, राउर जन्म 18 दिसंबर, 1887 के कुतुबपुर गांव में भईल रहे, जवन अब सारण जिला, बिहार, भारत के एगो हिस्सा बा। राउर उल्लेखनीय योगदान अभिव्यक्ति के विभिन्न रूप में फईलल रहे - नाटक, औरी एकालाप से लेके कविता औरी भजन तक।

     राउर लिखल नाटक बिदेसिया, गबरघिचोर, बेटी बेचवा, और भाई बिरोध के साथे औरी बहुत सारा रचना भोजपुरी साहित्य औरी संस्कृति पर एगो अमिट छाप छोड़ले रहे। रउरा के "भोजपुरी के शेक्सपियर" के रूप में सम्मानित कईल जाला औरी एकरा साथे लौंडा नाच लोक थिएटर परंपरा के जनक के रूप में भी जानल जाला। राउर विरासत दर्शक लोगन के बीच हमेशा गूंजत रहेला औरी जमीनी स्तर पर जीवन के सार, दर्द औरी आशा के  भली-भुत करेला। 🌟🎭🎵


आपन भोजपुरी


बाबूजी के मार के भाषा भोजपुरी

माई के दुलार के भाषा भोजपुरी

संघतिया इयार के भाषा भोजपुरी

मलिकाइन से प्यार के भाषा भोजपुरी।


रग-रग मे हमरा समाइल भोजपुरी,

फेरू संविधान में ना आइल भोजपुरी।


शादी-बियाहे के भात भोजपुरी

छबीस करोड़ लोगवा से नात भोजपुरी

बरसों से सहेजल आपन थात भोजपुरी

सरकारन से सहे जवन घात भोजपुरी।


राजनीति के फेरा मे अझुराइल भोजपुरी,

फेरू संविधान में ना आइल भोजपुरी।


मानल जाला एगो आपन रीत भोजपुरी

दुश्मनो से दुश्मन कहे मित भोजपुरी

छन्ने भर मे हो जाव अइसन प्रित भोजपुरी

अश्लीलता मे धसल अइसन गीत भोजपुरी।


तबो नाही घोंटते-घोंटाइल भोजपुरी,

फेरू संविधान में ना आइल भोजपुरी।


अनदेखी के भइल शिकार भोजपुरी

बोलले बिना भइल बेमार भोजपुरी

घरहीं मे रोवे हमार भोजपुरी

बुझे लागल लोगवा गँवार भोजपुरी।


हिन्दी-अंग्रेजी से लजाइल भोजपुरी,

फेरू संविधान में ना आइल भोजपुरी।


अपने लोग से माँगऽ तावे भिख भोजपुरी

बबुवा हमार अब सिख भोजपुरी

तनिको बुझाइ ना तिख भोजपुरी

कुछू ना बुझावऽ त लिख भोजपुरी।


अस्तित्व खातिर अपना चिलाइल भोजपुरी,

फेरू संविधान में ना आइल भोजपुरी।

       शम्श जमील✍️


Source: 

(1) Bhikhari Thakur - Wikipedia. https://en.wikipedia.org/wiki/Bhikhari_Thakur.

(2) Bhikhari Thakur: Life’s Nachaniya - Forward Press.  https://www.forwardpress.in/2017/01/bhikhari-thakur-lifes-nachaniya/.

(3) Bhikhari Thakur - Wikiwand. https://www.wikiwand.com/en/Bhikhari_Thakur.

(4) भिखारी ठाकुर - विकिपीडिया. https://bh.wikipedia.org/wiki/%E0%A4%AD%E0%A4%BF%E0%A4%96%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%80_%E0%A4%A0%E0%A4%BE%E0%A4%95%E0%A5%81%E0%A4%B0.

(5) Best Five Poems Of Bhikhari Thakur - Amar Ujala Kavya - भिखारी ठाकुर की https://www.amarujala.com/kavya/irshaad/best-five-poems-of-bhikhari-thakur.

(6) भिखारी ठाकुर: भोजपुरी के 'शेक्सपियर' और भारत के जीनियस की कहानी - BBC .... https://www.bbc.com/hindi/articles/cg3d9v8mde1o.

मंगलवार, 2 जुलाई 2024

बिहार के शादी-विवाहो में गाये जाने वाले भोजपुरी गीतों का संग्रह। (A Collection of Bhojpuri songs sung in weddings of Bihar.)



तिलक गीत

लमहर अंजुरी पसरीहऽ ऐ दूल्हा हो -२

लमहर कुल खानदान हो।

ऐ हो, लमहर कुल खानदान हो।

 

लमहर बाटे तोहर बाबुजी के नामवां हो -२

लमहर कुल खानदान हो।

ऐ हो, लमहर कुल खानदान हो।


गह-गह करे आज घर अंगनाईया हो -२

जुटल बाऽ गऊवां जवार हो।

आ हो, जुटल बाऽ गऊवां जवार हो।


कलशा के ज्योति से झरता मोती हो -२

टोलवां होखता उजियार हो।

ऐ हो, टोलवां होखता उजियार हो।


लेबो ना थोड़ा, बहुत ना ही चाही हो -२

ललसा पुरईहअऽ हमार हो।

ऐ हो, ललसा पुरईहअऽ हमार हो।


बड़-बड़ लोगवां तिलक देखे आईऐ हो -२

सब लोग देखेला निहार हो।

ऐ हो, सब लोग देखेला निहार हो।


बेड़ी-बेड़ी बेटा के तिलक नाही चढेला हो -२

जाने ला जग संसार हो।

ऐ हो, जाने ला जग संसार हो।


हमनी के नईयां हँसईअऽ जन ऐ अगुवां जी -२

करअऽ ली हऽ मन में विचार हो।

ऐ हो, करअऽ ली हऽ मन में विचार हो।


तनिको गड़बड़ी जन करीहऽ ऐ समधी जी -२

करऽ तानी तोहके खबरदार हो।

ऐ हो, करऽ तानी तोहके खबरदार हो।


कईलअऽ करार जवन सीधे मने दिहअऽ हो -२

एक पाई चली ना उधार हो।

ऐ हो, एक पाई चली ना उधार हो।


लमहर अंजुरी पसरीहऽ ऐ बबुआ हो -२

लमहर बाऽ कुल खानदान हो।

ऐ हो, लमहर बाऽ कुल खानदान हो।

लमहर बाऽ......

*_*


अक्षत देनी चढ़ावे के तऽ फांक गईल साड़वां।

आरे!!! फांक गईल साड़वां...

हमरा निमन भईया के बउराह मिलल साड़वां -२

हमरा निमन भईया के...


अक्षत देनी चढ़ावे के तऽ.....


गमछी मिलल चढावे के तऽ पेहन लेहलस साड़वां।

आरे!!! पेहन लेहलस साड़वां...

हमरा निमन भईया के नचनिया मिलल साड़वां -२

हमरा निमन भईया के...


साड़ी  मिलल चढावे के तऽ पेहने लागल साड़वां।

आरे!!! पेहने लागल साड़वां...

हमरा सुन्दर भईया के लौंडा मिलल साड़वां -२ 

हमरा सुन्दर भईया के...


सेवउवां मिलल चढावे के तऽ खाये लागल साड़वां।

आरे!!! खाये लागल साड़वां...

हमरा सुन्दर भईया के बउराह मिलल साड़वां -२

हमरा सुन्दर भईया के...


केला मिलल चढावे के तऽ खाये लागल साड़वां।

आरे!!! खाये लागल साड़वां...

हमरा सुन्दर भईया के पागल मिलल साड़वां -२

हमरा सुन्दर भईया के...


अक्षत मिलल चढ़ावे के तऽ फांक गईल साड़वां।

आरे!!! फांक गईल साड़वां...

हमरा सुन्दर भईया के बउराह मिलल साड़वां -२

हमरा सुन्दर भईया के...

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जल्दी-जल्दी दे दऽ साले करऽ जन लेटवां,

आरे!!! हाली-हाली दे दऽ सरऊ करऽ जन लेटवां।

तऽ कहां बा दहेज़ के बुलेटवां -२


खाके ख़त्म कईले बाड़ऽ नाश्ता के प्लेटवां,

 खाके खाली कईले बाड़ऽ नाश्ता के प्लेटवां।

तऽ कहां बा दहेज़ के बुलेटवां।

तऽ कहां बा दहेज़ के बुलेटवां।

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मारवां गीत

पापा हो जनक पापा कवना वनवां गईनी जी -२

कवना वन के बांसवा से मरवां छवइनी जी -२

कवना वन के बांसवा से...


बेटी हो दुलारी बेटी वृन्दावनवां गईनी हो -२

वृन्दावन के बाँसवा से मरवां छवइनी हो -२

वृन्दावन के बाँसवा से...


हरीश कैसे गड़ी जी हरीश कैसे गड़ी -२

पांचो भैया मिलिहे हरीश कैसे गड़ी -२

पांचो भईया मिलिहे...


हरीश हइसे गड़ी हो हरीश हइसे गड़ी -२

सब गोतियाँ मिलिहे हरीश हइसे गड़ी -२

पांच भईया मिलिहे हरीश तइसे गड़ी -२

सब गोतियाँ मिलिहे हरीश हइसे गड़ी -२

सब गोतियाँ मिलिहे...

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आहे, उच्चे मड़उवा छवईहऽ ऐ पापा उच्चे होई नामवां तोहार।

आहे, उच्चे मड़उवा छवईहऽ ऐ चाचा उच्चे होई नामवां तोहार।

आहे, उच्चे मड़उवा छवईहऽ ऐ भैया उच्चे होई नामवां तोहार।

आहे, बाँसवा कटहीअऽ पापा मड़वा छवईहऽ करीह सूरुज से अलोप -२


आहे, खाखर माड़वा छवईहऽ जन ऐ पापा बरिसे लगिहे मेघ बड़ी जोड़ -२

आहे, बिना रे बदरिया के बरसेला मेघा भींगे लगिहे छैला मोड़ -२

आहे, माड़ो में भिगेंले आरे दूल्हा, कवन दूल्हा जब शुभ कारज होये -२

आहे, उच्चे मड़उवा छवईहऽ ऐ पापा उच्चे होई नामवां तोहार।

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हल्दी गीत

आरे!!! सोना के कटरोवां में पियर हरदिया उपरा हरिहर ढूभ -२

आरे!!! पहिला हरदिया चढावेनी पण्डित जी पीछे हो सकल परीवार -२

आरे!!! धीरे-धीरे हरदिया चढ़ाई ऐ पण्डित जी मोड़े बनी बानी बड़ी अति सुकुमार -२

आरे!!! चढ़ेला हरदिया हो बेटी के सिरवां युगी-युगी बढ़ेला सोहाग -२


आरे!!! सोना के कटरोवां में पियर हरदिया उपरा हरिहर ढूभ -२


आरे!!!  पापा चढ़ावे हरदी चाचा चढ़ावे, मामी रहेली हरषाए।

आरे!!! भैया चढ़ावे हरदी फूफा चढ़ावे, भाभी रहेली हरषाए।

आरे!!! मामा चढ़ावे हरदी जीजा चढ़ावे, चाची रहेली हरषाए।


आरे!!! सुन्दर धिहवाँ हो भईली सयानी आज चढ़े हरदी सिरमार -२

आरे!!! सोना के कटरोवां में पियर हरदिया उपरा हरिहर ढूभ -२

आरे!!! पहिला हरदिया चढावेनी पण्डित जी पीछे हो सकल परीवार -२

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आजु जनकपुर में मारवां बड़ा सुहावन लागे -२

सीता के चढ़ेला हरदीयां मन भावन लागे -२

शोर भईले सगरी महलीयां बड़ी लुभावन लागे -२

सीता के चढ़ेला हरदीयां मन भावन लागे -२

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गाली

कहवां के सिलवट, कहवां के लोढ़ा हो, कहवां के लाल मरीचाई हो।

ऐ हो, कहवां के लाल मरीचाई हो...


छपरा के सिलवट, आरा के लोढ़ा हो, यूपी के लाल मरीचाई हो।

ऐ हो, यूपी के लाल मरीचाई हो...


लाल मरीचाई हलाहल के पिसाई हो, सरऊ के चुतर पर छपाई हो।

आए-हाय, सरऊ के चुतर पर छपाई हो...


जबे छपाई उनके तबे परपराई हो, भगीहें तऽ भागलो ना जाई हो।

ऐ हो देखिये के बड़ी मज़ा आई हो...

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लोटा लिहलअऽ, थरियां लिहलअऽ, हांडा लिहलअऽ समधी -२

हई बेलनवाँ लिहले जा -२

अपना बहिन खातीर मोटका बेलनवाँ लिहले जा।

अपना दीदियाँ खातीर लामका बेलनवाँ लिहले जा।


मुरई खईलअऽ, भिन्डी खईलअऽ, गाजर खईलअऽ समधी -२

हई बैंगनवां लिहले जा -२

अपना बहिन खातीर लामका बैंगनवां लिहले जा।

अपना बहिन खातीर मोटका बैंगनवां लिहले जा।


कूलर लिहलअऽ, टी.वी. लिहलअऽ, ए.सी. लिहलअऽ समधी -२

हई हीटरवां लिहले जा -२

अपना बहिन खातीर गरम हीटरवां लिहले जा।

अपना बहिनी के नापेला मीटरवां लिहले जा।

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लाल मरिचा, हरिहर मरिचा, मरिचा बड़ी तीत बाऽ -२

कवन साले के दिदिया के अनार बड़ा मीठ बाऽ।

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घोटअऽ... घोटअऽ...

घोटअऽ घोटअऽ ऐ सार आम🥭 घोटअऽ हो, घोटअऽ घोटअऽ -२

चटनी अचार घोटअऽ, मरिचा झरार घोटअऽ, रइता खाटार घोटअऽ, कटहल रसदार घोटअऽ

घोटे-घोटे में जनको ना तु कचोटहऽ हो।

घोटअऽ... घोटअऽ...


चित घोटअऽ, पट घोटअऽ उलट-पलट घोटअऽ

होखे करवट साले ख़ूब गट्टागत घोटअऽ

घोटअऽ हई लामका सोंटा हो।

घोटअऽ... घोटअऽ...

घोटअऽ घोटअऽ ऐ सार आम🥭 घोटअऽ हो, घोटअऽ घोटअऽ -२

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ऐज के शेरवनिया पेहेन के भैया हमार अईले हो।

काहे के समधिनीयां खेलड़ी,

काहे के समधिनीयां खेलड़ी बेटी जनमवली हो -२


ऐज के शेरवनिया पेहेन के...


बेटी जनमवली बाकिर बलवों ना कईली हो -२

काहे के समधिनीयां छिनड़ी बेटी जनमवली हो -२

काहे के समधिनीयां खेलड़ी आरे!!! लुड़ ना सीखवली हो -२


काहे के समधिनीयां खेलड़ी...

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कहियाँ के चलल तुही हवऽ ऐ कवन भेरुंवा,

तहरा घरवां में चोरवां समईले,

हाय सियाराम के भजो।


कहियाँ के चलल तुही हवऽ...


बन्हिया-ओन्हिया चोरवां घरे ले के गईले हो -२

इनका साली के बन्हेले मोटारीयां,

हाय सियाराम के भजो।

इनका दीदीयां के बन्हेले मोटारीयां,

हाय सियाराम के भजो।


बन्हिया-ओन्हिया चोरवां घरे ले के गईले हो -२

उनके देहि देहले भैया के सेजारियां,

 हाय सियाराम के भजो।

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पोथी पाचतऽ पण्डित कईलऽ भुलाई हो,

भीतर के समान कईसे बाहर गईल आईल हो।

धन्य बाडू बाछी लिहलू इज्जत बचाई हो,

जहां जईबु उहां ऐह से लम्हर भेटाई हो।

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विवाह गीत

केकर अंगना हो तुलसी के पेड़वा केकर अं..ग..ना.. -२

सीता फुल लोढे चलली केकर अंगना -२

दशरथ अंगनावां हो तुलसी के पेड़वा, कौशल्या अंगना -२

सीता फुले लोढ़े चलली कौशल्या अंगना -२


फूलवां लोढ़ीऐ-लोढ़ीऐ भरेली चंगेलिया की चलिये भईली ना -२

करे गौरी पुजनवां की चलिये भईली ना -२

ओही रे बग़ीवां में तुलसी के पत्तवा ओही रे पत्तवा ना -२

सीता भोगवां लगवली ओही रे पत्तवा ना -२


विष्णु जी के भावे ला हो तुलसी के पत्तवा बिना रे पत्तवा ना -२

होला उनकर ना पुजनवां बिना रे पत्तवा ना -२

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सब केहु देखले बावें अज़ोरा में निहार के -२

का हम चली ऐ सासु आँचर सम्हार के।

का अब चलस ऐ बुड़ी आँचर सम्हार के।

का अब चलस ऐ बुड़ी...


वीडियोग्राफी वाला देखऽ ले लाईट बाड़ के -२

का हम चली ऐ अम्मा घुंघटा सम्हार के।

का अब चलस ऐ बुड़ी आँचर सम्हार के।

का अब चलस ऐ बुड़ी...

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इमली घोतावन

मामा हाली-हाली,

मामा हाली हाली ईमली घोताव ऐ मामा, मामा हाली हाली -२

जइसन बकरी के पोंछ ओहिसन मामा जी के मोंछ मामा हाली हाली।

मामा हाली हाली ईमली घोताव ऐ मामा, मामा हाली-हाली -२


जइसन गंगा जी के बालू ओहिसन मामा हमार चालु मामा हाली हाली।

मामा हाली हाली ईमली घोताव ऐ मामा, मामा हाली-हाली -२


ईमली घोतावे अईले फालना के मामा -२

गिर गईल रुपिया लज्जा गईले मामा -२

ईमली घोतावे अईले...


फेरु आवं, फेरु आवं आरे!!! फालना के मामा -२

आरे!!! हम देब रुपिया लुटवले जईहअऽ मामा -२

ईमली घोटाई लेके जईहअऽ तु हू मामा -२

आरे!!! हम देब रुपिया लुटवले जईहअऽ मामा -२

आरे!!! गिर गईल रुपिया लज्जा गईले मामा -२


मामी के सैंडिलवां पहिन के आ गईले मामा -२

आरे!!! देख लेहलस लोगवां लज्जा गईले मामा -२

मामी के सैंडिलवां पहिन के आ गईले मामा -२

आरे!!! हँस लेहलस लोगवां लज्जा गईले मामा -२

आरे!!! गिर गईल रुपिया लज्जा गईले मामा -२

आरे!!! हम देब लुटवले जईहअऽ मामा -२


परिछावन गीत

केने बाड़े आपन पापा चिन्हस दामाद हें -2

इहें हवें की दोसर हवें -2

परछी की ना हें।

इहें हवें की दोसर हवें, परछी की ना हें।

इहें हवें की दोसर हवें...


छोटी-मोटी सास बाड़ी, लम्हर दामाद हें -२

तनियां सा निहुरअऽ ऐ बबुआं -२

परछी की ना हों। -२

तनियां सा निहुरअऽ ऐ बबुआं...

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छोट बाड़ी मोट बाड़ी होंठ रंगेले बाड़ी -२

बुझ जईहऽ दुल्हा उहें तोहर सरहज बाड़ी -२

छोट बाड़ी मोट बाड़ी...


अंगना में महंगा लहंगा पेहन के आईल बाड़ी -२

आरे!!! बुझ जईहऽ दुल्हा उहें तोहर साली बाड़ी -२

अंगना में महंगा लहंगा...


माथ के लुगा डार में खोश के बिजी ज्यादा जे बाड़ी -२

बुझ जईहऽ दुल्हा उहें तोहर फुआ बाड़ी -२

माथ के लुगा डार में...


सट के तोहड़ा जोड़े जे हो रील बनावट बाड़ी -२

तऽ, बुझ जईहऽ दुल्हा उ हेऽ लहुरी साली बाड़ी -२

सट के तोहड़ा जोड़े...

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चुमावन गीत

अगल से चूमहई भाभी बगल से चूमहई हो,

आरे!!! भैया लोगे छुवल जोबना माथे जन छुवहई हो।

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कन्यादान गीत

आरी, छोटी चुकी से पोसी के हमरा के पापा तु सयान कईलअऽ हो -2

पत्थर करेजावां बनाई के धिया आपन दान कईलअऽ हो -2

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कांचे आमवां तुड़लहऽ हो पापा बगिया कईलहऽ हो सुनावां,

आरे!!! सुन्दर धिहा विहलहऽ ऐ पापा अंगनावा कईलहऽ हो सुनावां।

कांचे आमवां तुड़लहऽ हो पापा हई बगिया कईलहऽ हो सुनावां...

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बाबा कवने नगरिया जुआ खेललऽ

कि हमरा के हारि अ‍इलऽ, हमरा के हारि ह‍इलऽ


बेटी अवध नगरिया जुआ खेललीं तऽ

तोहरा के हारि अ‍इलीं, तोहरा के हारि अइलीं ।


बाबा कोठिया-अँटरिया काहे ना हरलऽ

कि हमरा के हारि अ‍इलऽ, हमरा के हारि ह‍इलऽ


बेटी कोठिया-अँटरिया हमार लछिमी तऽ

तू हऊ पराया धन तू हऊ पराया धन ।


बाबा भैया-भ‍उज‍इया काहें ना हरलऽ

कि हमरा के हारि अ‍इलऽ, हमरा के हारि ह‍इलऽ


बेटी पुतवा-पतोहिया हमार लछिमी तऽ

तू हऊ परायाधन-तू हऊ परायाधन ।


बाबा ग‍ईया-भँइसिया काहे न हरल कि

कि हमरा के हारि अ‍इलऽ, हमरा के हारि ह‍इलऽ


बेटी ग‍ईया-भँइसिया हमार लछिमी तऽ

तू हऊ पराया धन तू हऊ पराया धन।

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का देखि बाबा हे आसन मारे लीले, का देखि कईनी व्यहार -२

का देखि बाबा रउआ धिहा संकल्प लिहनी, के राउर हरेला विचार जी -२

कुल देखि बेटी हो आसन मरनी, घर देखि बदलल व्यहार।

वर देखि बेटी हो धिया विसरवनी, तुही हमार हर लेहलू विचार हो -२


नदिया के तीरे-तीरे घुमेनी जनक राजा सिरिजा दहाइल जास हो -२

सिरिजा के खोली जब देखले जनक राजा सिरिजा में कन्या कुवांर हो-२

आमवां, महूईया के दुधवो ना होला, ईमली के दूधवां बहुत हो,

ईमली के दुधवां पिआई के हम पोसब राखब सिया सुन्दर नाम हो -२  

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कथी के चटईया पापा हो बिछवले बाड़अऽ 

हमरो के बईठवले बाड़अऽ हो-२

कथी के करेजवां पापा हो बनवले बाड़अऽ 

हमरो के विसरवले बाड़अऽ हो। -२


कुश के चटईयां बेटी हो बिछवले बानीऽ

आरे!!! तोहरो के बईठवले बानीऽ हो -२

काठी के करेजवां बेटी हम बनवले बानीऽ

आरे!!! तोहरा के विसरवले बानीऽ हो। -२


तोहरे पोखरवां के एक ही मछरीया बानी, 

काहे ना सहेजहऽ ताड़ हो।

कई के कन्यादान अपना बेटिया के, 

पापा काहे तेजअऽ ताड़ हो।


दुनिया के रीत इहे बाटे बेटी, 

ऐही से ना सहेजतानी हो -२

कईके कन्यादान हम तोहरा के, 

ऐही से तेजअऽ तानी हो -२


हो....हो...हो....ह्म्म्म..हम्म...


पड़ते सिंदुरवा पापा तोहरो धिया, 

दूर तोहसे होईये जईहे हो -२

केतनो बोलाईबऽ तु दुलारी बेटी के, 

फेरु नाही आईहे नु हो -२


इहे सोची-सोची बात अंखिया से, 

लोड़वां झर-झर झरेला हो -२

केतनो मनाई बेटी मानवां के,

तबो ना धीर धरेला हो 

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सिंदूर दान गीत

सेनुरा लगईह ऐ दुल्हा सोची विचार हो,

इहे सेनुरा हवें ऐ बाबु जीवन के आधार हो।

इहे सेनुरा हवें ऐ बाबु...

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सोने के सिन्होरवां लिहले, अम्मा बाड़ी खाड़ हो -२ 

खोलअऽ बबूवां पालकी केवरियाँ -2

मंगिया बहोरबऽ हें।

खोलअऽ बबूवां पालकी केवरियाँ...


कईसे के खोली अम्मा, पालकी केवरियाँ हें -२

मोरे जांघवाँ ओलरल बाड़ी, मोरे जांघे ओलरल बाड़ी 

सासु जी के धिहवां हें।

मोरे जांघवाँ ओलरल बाड़ी...

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कई कोस चमकेला आरे!!! सोना के सिन्होरवां,

कई कोस चमके लिलार हो।

अंगना में बईठे ली आरे!!! बेटी हो कवन बेटी,

बईठे ली बाबा के जांघ हो।


दश कोस चमकेला आरे!!! सोना के सिन्होरवां,

बीस कोस चमके लिलार हो।

अंगना में बईठे ली आरे!!! बेटी हो सिया बेटी,

आरे!!! बईठे ली पापा जी के जांघ हो।

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मारवां खोलाई गीत

बांधी के खोलाई समधी मांगे समधिनिया हो -२

माड़वां में भीड़ भईल भाड़ी, बड़ा रंगदार समधी।

माड़वां में भीड़ जुटल भाड़ी, बड़ा रंगदार समधी।


बांधी के खोलाई समधी मांगे समधिनिया हो...


खड़े-खड़े मोच्छीयां पर ताव देले समधी साहब -२

ना चाही रेडिओ, घड़ी, गाड़ी!!! बड़ा रंगदार समधी।

माड़वां में भीड़ भईल भाड़ी, बड़ा रंगदार समधी।


ना लिहले गईया हो, ना लिहले भईसियां हो -२

ना लिहले रुपिया हजारी, बड़ा रंगदार समधी।

माड़वां में भीड़ लागे भाड़ी, बड़ा रंगदार समधी।


ना लिहले गगड़ा हो, ना लिहले परतीयां हो -२

ना लिहले लोटा औरी थाली, बड़ा रंगदार समधी।

माड़वां में भीड़ जुटल भाड़ी, बड़ा रंगदार समधी।


बांधी के खोलाई समधी मांगे समधिनिया हो -२

माड़वां में भीड़ भईल भाड़ी, बड़ा रंगदार समधी।

माड़वां में भीड़ भईल भाड़ी, बड़ा रंगदार समधी।

बड़ा रंगदार समधी...

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विदाइ गीत 

बहे पुरवईआ हो पापा डोलेला हो पतईआ,

आरे!!! बहे पुरवईआ हो चाचा डोलेला हो पतईआ।

रोवेली सुन्दर हो बेटी पापा जी के हो गोदिया,

आरे!!! रोवेली सुन्दर हो बेटी चाचा जी के हो गोदिया।


आरे!!! हमके जन विसरइहऽ हो पापा,

पराया जन हो करीहऽ। 

आरे!!! हमके जन विसरइहऽ हो चाचा,

पराया जन हो करीहऽ। 


आरे!!! चुपऽ होखहऽ चुपऽ हो बेटी, 

पटोरहवां पोछहऽ हो लोड़वाऽ

आरे!!! चुपऽ होखहऽ चुपऽ हो बेटी, 

पटोरहवां पोछहऽ हो लोड़वाऽ


आरे!!! डूबते किरणीयां हों बेटी,

भेजइबोऽ मार हो सालवां -२

आरे!!! फूटते किरणीयां हों बेटी,

बोलाईबोऽ सुन्दर हो धीहवां।

आरे!!! फूटते किरणीयां हों बेटी,

बोलाईबोऽ आपन हो धीहवां।

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कन्या उतराई गीत

भारी-भारी लोढ्वा लेले अम्मा बाड़ी खाड़ हो,

खोलअऽ बाबू पलकी केवरियाँ -2

मंगिया बहोरबऽ हो।

खोलअऽ बाबू पलकी केवरियाँ...


कईसे में खोली अम्मा पलकी केवरियाँ हो...

मोरे जांघे ओलरल बाड़ी सासु जी के धिहवां हो।

मोरे जांघे ओलरल बाड़ी ससुर जी के धिहवां हो।

मोरे जांघे ओलरल बाड़ी... 

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दहेज 

 बेटी भईला से, वरवां खोजत पापा के तारवां खिअईले,

 चाचा के बठेला कपार।

 कोमल भैया के होंठवा झूराई गईले,

 दीदी भइली जी के जंजाल।

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